Wednesday, January 10, 2018

ईश्वर हमें हमारा पारिश्रमिक देता है ( लघु लेख )



- इंदुबाला सिंह
हम श्रम करते हैं । अथक परिश्रम के बाद भी जब हमें वांछित फल नहीं मिलता है तब हम बरबस कह उठते हैं
' ईश्वर जरूर हमारी समस्याओं का समाधान करेगा ।'
और हम निश्चिंत हो जाते हैं । किसीपर अपनी समस्याओं के समाधान का भार छोड़ना हमारे मन का नकारात्मक भाव समाप्त कर देता है ।
ऐसे में आज सुबह सुनी एक बंगालिन की लोकोक्ति 'भगवान काना है । ' मुझे सोंचने को प्रेरित कर दी ।
उस सत्तर वर्षीय बंगालन के पास उसके अपने जीवन का अनुभव था । वह गलत तो हो ही नहीं सकती , ऐसा मुझे लगा । 'भगवान भी सबल की सहायता करता है ।' पल भर में वह स्वगत कह उठी ।

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