Sunday, January 26, 2014

समझदार बकरियां ( लोक कथा )

दो बकरियां थीं | वे दोनों नदी के विपरीत किनारों से पुल पर चढीं थीं | चलते चलते जब वे एक दुसरे के सामने आयीं तब उन्हें लगा कि पुल तो संकरा है |

दोनों बकरियों ने कुछ देर सोंचा ...फिर एक बकरी बैठ गयी पुल पर और दूसरी बकरी उसके पीठ पर पैर रख पार हो गयी |

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